कविता ..
फूल और कांटे ...
फूल कांटो के ,संग ही खिलते ।
फूल कांटो से ,रिश्ता सदा निभाते ।।
फूल कांटो का ,दर्द सदा सहते ।
इसलिए वो ,सदीयो तक महकते ।।
फूल कांटो की ,अजीब कहानी ।
ये एक दुजे बिन ,अधूरे दिखते ।।
खिलते फूलों पर ,भौरे मंडराते ।
कांटो को ये जरा ,भी नही भाते ।।
क्योकी ये फूलों ,से सदा प्यार करते ।
मानव को यह ,सबक सीखाते ।।
कष्ट मे ही ,खुशियाँ महकती ।
फूल कांटो से ,प्यार करते ।।
इसलिए सबके ,दिलों में महकते ।
कांटे फूलो को ,कभी नही चूभते ।।
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