आर्थिक बहिष्कार एक ऐसा ब्रह्मास्त्र है जो किसी भी क़ौम को, जाति को या देश को चंद दिनों में ही बर्बादी के कगार पर खड़ा कर सकता है। जिसका असर आने वाली नस्लों तक का शोषण और उनको गुलाम बना सकता है। क्या आपने दलितों/पिछड़ों के शोषण से कुछ नहीं सीखा जो कि अभी तक जारी है।
नफरती चिन्टूओं को सिर्फ आर्थिक बहिष्कार ही सुधार सकता है। सामाजिक बहिष्कार इसलिए कारगर नहीं है क्योंकि वो सामाजिक प्राणी हैं ही नहीं🤷🏼♂️