-सब बराबर
न हमें बड़ा बनना है, न छोटा
न हमें ऊपर जाना है,न नीचे
न हमें ज्यादा चाहिए,न कम
न हमें ऊंच कहलाना है,न नीच
न हमें धर्म चाहिए, न जाति
न हमें स्वर्ग चाहिए,न नरक
न हमें मर्द बनना है,न औरत
हमें तो सिर्फ इंसान बनना है,
हमें तो केवल सबके बराबर रहना है,
हमें तो सिर्फ सबके साथ चलना है,
हमें तो सबका अपना कहलाना है,
सब मेरे हैं और मैं सबका
~सिद्ध