हम बढ़े और बढ़ाये लोगो को,
करें सब का साथ सब का विकास
खुद को बदले और बदले लोगो को,
बदलते मौसम के साथ।
सच्चाई की राहों पे जो है चलते,
जिनके लिए हैं हम और हमेशा साथ
खुद को बदले और बदले लोगो को,
बदलते मौसम के साथ।
सींखे और सिंखाये, प्रेम सौहार्द बढ़ाये,
ज्ञान का जलता दीपक है सबके पास
खुद को बदले और बदले लोगो को,
बदलते मौसम के साथ।
नई नई तकनीकी को बढ़कर जाने,
आदर करें सबका और सबको माने
धरती पे जीवो में है मानव सबसे खास,
खुद को बदले और बदले लोगो को
बदलते मौसम के साथ
-आलोक शर्मा