नैनों ने नैनों से दिल का सारा हाल कहा।
मै भी पागल वो भी पागल ये धीरे चुपचाप कहा।।
इक दिन उसकी हो जाऊंगी।
मन में सदा ये भान रहा।।
मौन प्रेम की भाषा में।
अश्कों का संसार मिला।।
मैं क्या जानू प्रीत व्रीत,ये
मैं क्या जानू जग की रीत।।
मेरी रूह का उसकी रूह से।
संगम दिल के पार हुआ।।
~©निमिषा✍️~