हे कृष्ण
हे कृष्ण
तुम्हारा स्मरण ही मुझे
मुक्त कर दे,
तुम्हारी बातें ही मुझे
सात्विक बना दें,
तुम्हारी याद ही मुझे
सुविचार दे दे,
अकेला स्नेह ही
बँधनों को खोल दे,
ऐसा आशीर्वाद दे दो-
कि आत्मा योगी हो जाय,
जीवन स्वादिष्ट बन जाय,
मोक्ष का आनन्द
दुनिया में फैल जाय।
* महेश रौतेला