में एक नन्ना सा दिया हूं
जलता रहूंगा तेरे द्वार पर
तू दे अंधेरे को चुनौती
मेरे ऐतबार पर..
में एक बहेती नदी हूं
रास्ता बना लूंगी अपनेआप ही
तू मान चुनौती पहाड़ों की
मेरे ऐतबार पर...
में एक स्त्री हूं ना कभी हारी हूं
साथ ले चल मैदान में
तू मान चुनौती मुस्किलो की
मेरे ऐतबार पर... Manda..