->भले ही ना हो आप अपनी रुह मे जींदा पर हजारो
लाखो ओर करोडो लोगो की रुह में आप अब भी जींदा
है।
->मसाल की आग को चीर दे उतनी आग आपमे थी।
अरे उन अंग्रेजो की क्या मजाल की वो आपको फासी पे
चढाए यह तो बस मा भारती आपके रोम रोम के जापमे
थी।
->जब लगी थी आग जब इस देश के सिने मे ।
तब आपने भी अंजाम से अंजान तक अपनी जान
लगादी थी इस देश के लिए जीने में ।
- JAI HO BHAGAT SINGH
By:- varun_s_patel