प्यार मरता क्यू नही
प्यार अमर है, वो कभी भी मरता नहीं,
जैसे, राख् में जलती रहेती है सदा, एक चिंगारी
प्यारको दफनाया जाए अगर, तो माटी जी उठती है
जलाने के बाद भी, राख में चिंगारी भड़कती रहेती है
सच बात है यह, के प्यार कभी मरता नही;
उसे मारने की, लाख कोशश करे कोइ ।
बेहोशी के आलम में भी वो दिल के भीतर रहेता है
हे मालिक, जरा समझाना मुझे, आखिर प्यार मरता क्यू नहीं है
Armin Dutia Motashaw