आंखोसे नफरत के परदों को हटाकर देखो तुम ।
दिलोसे यादों के पन्नो को मिटाकर देखो तुम ।।
खून का सागर बहेगा जंग से नादां समज ।
रास्तोंमे प्यारकी जाजम बिछाकर देखो तुम ।।
फेंक दो हथियार सारे, लूटा दो जां देश पे ।
प्रेमके फूलोसे राहोको सजाकर देखो तुम ।।
दर्शिता