बाहों में उनकी समा जाने को जी चाहता है । काश कि दिल की धड़कनो को सुन पाते वो साँसों में उनकी उतर जाने को जी चाहता है । मिले जो साथ उनका तो भंवरों सा गुनगुनाने को जी चाहता है । मिल जाएँ झीलें जो उनकी तो आँखों में उतरने को जी चाहता है । जब से देखा है कली सा उनका चेहरा फूलों की तरह खिलखिलाने को जी चाहता है । होता नहीं है इन्तजार अब और जरा भी
#Shivan