कभी जो हमें देखकर हँस लिया करते थे, आज वो हमे अन देखा करना सीख गए।
उन के होठों की हँसी थे हम, आज उस हँसी को भूल हमसे दूर रहना सिख गए।
वो समझते है के हमसे नजरे चुराके वो हर दर्द छुपा लेंगे,
वो समझते है के हमसे नजरे चुराके वो हर दर्द छुपा लेंगे,
पर वो क्या जाने,उन के चेहरे की मुस्कान के पीछे का दर्द पढ़ना हम भी सिख गए।।।।