जो टूटा, ख़्वाब था, रोशनी में बहने दे
सिलसिले मोहब्बत के किताबों में रहने दे
हसरतें दिल की फिर बहल जाएँगी
नऐ ख़्वाबों को पलकों में जगह लेने दे
चल बनायें फिर से मेहफिलें शायर की
लफ़्ज़ों कें पैंमाने फिर से बहने दे
सिलसिले मोहब्बत के किताबों में रहने दे