#Kavyotsav2
love (प्रेम)
तेरे जाने के बाद........
सांस लेने और जीने में फर्क समझ आया
गुल ही गुल बिखरे पड़े थे
यह खार से भरा रेगिस्तान तो अब नज़र आया
अब चाँद को नहीं
उसकी दूरियों को ताकते हैं
मुस्तबिल में नहीं माज़ी में झाँकते हैं
ज़ंजीर सी जकड़ी याद हैं
पिंजरा भी खुला हैं
सियाद भी नहीं हैं
फिर भी बुलबुल क़ैद हैं
गिरे एक बार और संभालते रोज़ हैं
बोलते हुए अलफ़ाज़ भी खामोश हैं
यह सब हुआ हैं
यह सब किया हैं
तेरे जाने के बाद........