#काव्योत्सव #काव्योत्सव२ #Kavyotsav2
विषय :- प्रेम ,अध्यात्म, भावनाप्रधान, प्रेरणादायक कविता
माँ
पहली बार है कलम उठाई
कलम उठा के कसम है खाई
माँ मेरी है गहरी खाई
जिसमें बसी है प्रेम की गहराई
मेरे लिये आपने उठाई
हजारो लाखों कठिनाई
दिल में आपके
अनमोल जगह है बनाई
कहते है आप मुझे अपनी ही परछाई
फिर क्यों मुझे कर दी पराई
फिर हर रीत आपने ही समझाई
और कसम है खाई
आप ही मेरी किस्मत की लिखाई.
- सोनल
#Love , God, emotions, inspiration