संतान.. # kavyotsav 2
गीली मिट्टी सा तू आया,
संस्कारों से तुझे बनाया,
तू मेरे जीवन की है बाती,
ममता मुझको तुझसे आती
तू मेरे जीवन का आधार
पाकर तुझे मै हुई निहाल,
काल-चक्र हैं बड़ा विकराल
संस्कारों का रखना ख़याल
तू ही मेरा जीवन,
तू ही मेरी पहचान,
सदा खुश रहना,
मेरी संतान।
Uma vaishnav
(स्वरचित और मौलिक)