सिर्फ तेरी,,
जहाँ तुम होते हो
वहाँ मैं
और जहाँ मैं
वहाँ तुम
पल भर भी तुमसे दूर नहीं
क्षण भर भी तुमसे दूर नहीं
कण मात्र भी दूरी नहीं
सुनो प्रिय प्रेम में
इतना डूब गयी हूँ तुम्हारे कि
अब सिर्फ तुम ही तुम नजर आते हो मुझे
खुली आँखो में भी तुम
और बंद आँखों में भी lll
असीम
सुनो प्रिय
मैं तुम्हें कल प्रेम करती थी
मैं तुम्हें आज प्रेम करती हूँ
मैं तुम्हें कल भी प्रेम करूँगी
और सिर्फ तुमसे प्रेम करूँगी
और सिर्फ तुम्हारे लिए ही
समर्पित होऊंगी
तन और मन से
कोई मुझे हाथ भी नहीं लगा पायेगा
और किसी ने मुझे छूने की कोशिश की तो
उसके लिये श्राप लगेगा
यह मेरा प्रण है
अब तुम अपनी तु जानो
जो वादे किये तुमने
क्या उनको निभाया
सोचो
बार बार सोचो
मैं तेरी हूँ
और सिर्फ तेरी ही रहूँगी सनम
जन्म जन्म तक
सिर्फ तेरी ही ll ll
असीम