#KAVYOTSAV -2
love poem ❤❤
तब तक मेरा प्यार जिदा था ।
जब तक तेरी मुस्कुराहट मे अपनी जान लगा देता था ,
तब तक मेरा प्यार सही था ।
जब तक तुम्हारी हर खुशी मे शामिल था मे ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तेरे हर आंसु मेरी कमीज पर बहते थे,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तेरे हर झूठ को सच माना था ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक करता था दौलत की ख़ुशी को तेरे नाम ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तेरे हर ख़्वाब को सीने से लगाया ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तुझ मे यु उलझ गया था ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तेरी ख्वाइशों मे खुद को यु आधा कर दिया ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तेरी खामोशी को मे समझता रहा ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तुम्हारा हर वक्त हर लम्हा इंतजार किया ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक मेरी दिल में तेरी जान थी ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तेरे दिल के एक कोने में मेरा नाम था ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक तेरी हर आरजू की आवाज़ मे था ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
जब तक मेरी मन्नत के धागा तेरे नाम से खुलता था ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
या फिर जब तक तेरे झूठे प्यार को सही समझ रहा था ,
तब तक मेरा प्यार सही या।
या फिर यु कहु की तेरे दिल में मेरे लिए प्यार था ,
तब तक मेरा प्यार सही था।
-Richa Modi