याद एक शब्द है
पर इस शब्द में ना जाने कितनी गहराई है
तेरी याद कभी मुझसे अलग नहीं हो पाती है
हर तनहायी में पता नहीं इतना मुझे क्यों सताती है
याद है मुझे वो पल जब तू मेरी बहो में हुआ करती थी
तेरी ज़ुल्फ़ों से खेला करता था तेरे लबो को चूमा करता था
उस पल वो एहसास शब्दों में बयाँ नहीं कर सकता कितना ख़ुशनुमा था वो एहसास
अब तो बस एक याद रह गया है
तन्हाई में यादों के सहारे ही उस पल में खो जाता हूँ
आँखे बंद कर उस एहसास को महसूस कर पाता हूँ
जो बस अब सिर्फ़ एक याद है।
हाँ जानता हूँ अब वो पल लौट कर नहीं आ सकता बस वो पल अब एक याद है।
एक तड़प है दिल में तेरे जाने का एक उम्मीद है इसे तेरे लौट के आने का
पर ठीक है अब लौट कर ना आना ए बेवफ़ा
तेरे यादों से ही इस दिल को अब बहला लूँगा
तेरे यादों के सहारे ही अब अपनी ज़िंदगी चला लूँगा।