गिला नहीं
तुझसे अलग सही,
मगर हम तुझसे जुदा नहीं
हमने वो भी सुनलीया,
जो तुमने अब तक कहा नहीं
तेरी यादें तो हमारी हैं,
तो क्या हुआ जो तू हमारा नहीं
अब तो जिंदगी से हमें,
रहा कुछ भी गिला नहीं
तो फिर क्या हुआ
जो तू हमको मिला नहीं
प्रेम का नाता रूह से होता है
जिस्मों से होता नहीं।
Uma vaishnav
(मौलिक और स्वरचित)