"इस धरती को स्वर्ग बनाएंगे"
देखो आयी हरियाली,
भरी मस्ती की प्याली,
आओ संग मिल वृक्ष लगाएंगे,
इस धरती को स्वर्ग बनाएंगे।।
है जीवन का अद्भुत किस्सा,
हर सांसें हैं उनका हिस्सा,
हर क्षण है उन्हीं का,
कण कण है उन्हीं का,
गीत उनकी ही छाँव में गाएंगे,
इस धरती को स्वर्ग बनाएंगे।।
अपनी अपनी जिम्मेदारी,
जन जन की हो भागीदारी,
नए फूल खिलेंगे,
मन के दीप जलेंगे,
मिल जुल आओ गली चमकाएंगे,
इस धरती को स्वर्ग बनाएंगे।।
पृथ्वी का अनमोल खजाना,
आओ साथी मिल के बचाना,
गाँव, नगर, शहर में,
गली कूचे डगर में,
पेड़ रूपी एक दीप जलायेंगे,
इस धरती को स्वर्ग बनाएंगे।।
सुन लो चाची, सुन लो बहना,
सच्चे मन से है ये कहना,
याद रखेगा जमाना,
भावी पीढ़ी का तराना,
बन,यादों में हम उनकी बस जाएंगे,
इस धरती को स्वर्ग बनाएंगे।।
-राकेश कुमार पाण्डेय"सागर"