मोरल कहानियां
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उत्साह
आर 0 के 0 लाल
स्थापना दिवस पर कंपनी के मालिक अतुल ने अपने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, “जहां में पहले काम करता था वहां सभी लोग मानते थे की उस कंपनी को मैंने अपने इनोवेटिव आइडिया से काफी ऊंचाई तक पहुंचाया था इसलिए मुझे 3 साल में चार प्रमोशन मिले थे। परंतु एक डायरेक्टर से कुछ वैचारिक मतभेद होने के कारण विवाद होने लगा। मेरी शिकायत होने पर मुझे फायर कर दिया गया।
फिर उन्होंने बताया कि नई नौकरी तलाशने के लिए दर-दर की ठोकरें खाई। एक कंपनी से निकाले जाने की वजह से किसी ने नौकरी देने की हिम्मत नहीं की। लगा कि मेरे जीवन का जो फोकस था अब वह खत्म हो चुका था और मैं बिल्कुल टूट चुका था काफी दिनों तक समझ में नहीं आया कि क्या करें।
आप सभी को जानकर आश्चर्य होगा कि मेरी एक छोटी सी सोच ने मुझे यहां पहुंचाया है। मुझे एहसास हुआ कि मुझे पिछली कंपनी से रिजेक्ट किया जा चुका है फिर भी मेरे उत्साह में कोई कमी नहीं आई है और मैं अपने काम से प्यार करता हूं। मुझे अपने पर विश्वास था कि कुछ ना कुछ तो कर ही लूंगा। इसलिए मैंने एक बार फिर से शुरुआत करने की सोची और अपनी ही कम्पनी खोल ली ।
मैं मानसिक रूप से स्वतंत्र महसूस कर रहा था जिसकी वजह से मैं अपने जीवन में सबसे क्रिएटिव काम कर पाया। आज आप सब लोगों के सहयोग से मेरी कंपनी फल-फूल रही है। अतुल जी ने इस प्रकार सभी को धन्यवाद दिया।
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