#MoralStories
एक दिन उससे मुलाकात हुयी,
जो कभी बी पाॅझिटिव्ह था ।
फोटोकापी के निगेटिव्ह से भी,
वह आज निगेटिव्ह था ।
पुछने पर बोला,
अब दिल में पाॅझिटिव्हिटी नही जगती ।
लाख कोशिशों के बावजुद भी,
सफलता हाथ नही लगती ।।
कई बार हिमाकत कर ली,
हर बार मुकी ही खायी है ।
हर दिन कि सुबह मेरे लिये,
सिर्फ मायुसी ही लाई है ।।
बिवी, बच्चे, दोस्त सब पराये,
सारोंने मुँह फेर लिया ।
नाकामयाबी का साथी है गम,
केवल उसीने मेरा साथ दिया ।।
कुछ न बचा जीवन में,
सोचा जीना हि छोड दूँ ।
जिंदगी तो साथ न दे पाई,
कम सें कम मौत का तो साथ दूँ ।।
बात सुन उसकी,
मैं तो जोरोंसे हँस दिया ।
जरा सी टेन्शन देख,
अपना जीवन चिता पें रच दिया ।।
पाॅझिटिव्हिटि का मतलब,
हर बार सफलता नहीं होता ।
वह तों जलता अँगारा होता है,
जो कामयाबी तक शाँत नही होता ।।
टेंशन माँगता है अटेंशन,
उसको इग्नोर करते जाना ।
टेंशन को उलटा टेंशन देना,
न की डर के भाग जाना ।।
आगे मत बढना कह कें,
लहरें हमें डराती है ।
आगें ही बढना है कहते,
जीद लहरों को हराती है ।।
आगबबुलाँ जलता सुरज,
हमारें कदम जलाता है ।
हमारें दिलों कि ज्वाला को,
वो पगला भाँप भी न पाता है ।।
असफलता कभीं हमें,
रोक नही पायेगी ।
लाख कोशिशों के बाद,
कभी तो सफलता आयेगी ।।
मन के हारे हार है,
मन के जीतें जीत ।
नाकामयाबी को पिछे छोड,
आगे बढ़ मेरे मीत ।।
उसका चेहरा चमक गया,
मानो अँधेरा ऊजाले में बदल गया ।
फिर मिलेंगे दोस्त कह कर,
वो नयी जिंदगी जीने निकल पडा ।।