कुछ तो कहा होता
दिल ने सुना होता।
कुछ अनसुना अहसास
दिल को छुआ होता।।
तुम आसमां से नूर
चुरा चुरा के लाते
सीपियों से मोती
छुपा छुपा के लाते
मैं झूमती खुशी से
मन खुश हुआ होता।
कुछ अनसुना अहसास
दिल को छुआ होता।।
मैं ख्वाबों की रानी
तुम सोलमेट होते
मैं ज़मीं होती
तुम आसमां होते
बरसाते प्यार की बूंदे
मनमोर मगन हुआ होता।
कुछ अनसुना अहसास
दिल को छुआ होता।।
मैं साँस होती और
धड़कन बन जाते तुम
नाम बनते और
पहचान बन जाते तुम
मेरे जीने मरने का
आधार बन जाते तुम
बस तुम ही तुम होते
तन झूम झूम जाता।
कुछ अनसुना अहसास
दिल को छुआ होता।।
मैं बस तुम्हारे एक
अहसास को जीकर
शुक्र करती उम्र भर
आँसुओं को पीकर
करती गिला ना कभी
ग़र कुछ किया होता।
कुछ अनसुना अहसास
दिल को छुआ होता।।
कुछ तो कहा होता
दिल ने सुना होता।
कुछ अनसुना अहसास
दिल को छुआ होता।