मुलाकात
उम्मीदे-मुलाकात में जीते है|
हमनशी तेरी याद में जीते है ||
दर्दे-ईश्क में मुददतो रोए है|
तडप तडपकर युही जीते है ||
सामने आते कहेना भूल जाते है |
मिलन की आश में जीते है ||
न सहर कटती है न शबे-हिज्राँ |
महवे-दारू में यहाँ में जीते है||
गैरो से फीर्सत गर मिल जाए|
दिदार की तडप में जीते है||
जुदाई में सनम गुजारे दिन-रात |
थाम के जिगर भी जीते है ||
रूखसते-यार न सह पाएगे कभी |
ख्वाबो के सहारे जीते रहेते है||