मैं वही औरत हूँ, जो कल किसीकी बेटी थी
मैं वही औरत हूँ, जो आज किसीकी पत्नी हूँ
मैं वही औरत हूँ, जो आज किसीकी बहू हूँ
मैं वही औरत हूँ, जो आज किसीकी माँ हूँ
फिर भी मेरा कुछ नहीं हैं,जबकि मुझसे ही सब हैं
मैं वही औरत हूँ, जो आज भटक रही हैं एक अस्तित्व कक तलाश में,मैं वही औरत हूँ, जिंदगी मुझसे ही हैं,फिर भी तरस रही हूँ, मैं वही औरत हूँ, जो हर बार किसीके नाम से जी रही हूँ, मैं वही औरत हूँ, जो सबको जिंदगी दे रही हूँ, फिर भी अपनी ही जिंदगी की भीख मांग रही हूँ..........?