? असीम श्रद्धांजलि?
ये कैसा मंज़र है,,,,,,,,?
रक्त का समंदर है......
ख़ामोशी का खंडहर है
वक़्क्त का बबंडर है....!
आघात कुछ ऐसा हुआ कि,,,
खंजर दिल में चुभ गये....
भाव ना जाने कहाँ खो गए
और शब्द निःशब्द हो गए
कैसे दें शब्दांजली उन्हें ...
पल भर में जो सो गए !
स्तब्ध सुप्रभात?