वक़्त
जिन्दगी नदी हैं,
वक़्त बहती धार हैँ,
लीन होगी एक दिन,
समुद्र महा काल हैं,
कठिनायाँ बड़ी हैं,
मुस्किल वक़्त की चाल हैं,
तर गया जो इसमें,
वक़्त उसीके साथ हैं,
सुख - दुख दो किनारे,
वक़्त के ही हाथ हैं,
वक़्त की ही चलती,
वक़्त बड़ा बलवान है।
Uma vaishnav
स्वरचित और मौलिक
सुरत (गुजरात)