बस कुछ यूहीं
तेरे बिन सुबहकी करारी चाय भी अधूरी।
तेरे बिन हर लम्हा अधूरा
तेरे बिन मौसम की सर्दि भी अधूरी
तेरे बिन गुजर हुआ लम्हा अधूरा
तेरे बिन मेरी सासे अधूरी
तेरे बिन मेरा सपना अधूरा
तेरे बिन भीड़ में भी मैं अकेला
तेरे बिन साला मैं ही अकेला
तेरे बिन ........