महामानवास त्रिवार अभिवादन
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शिर्षक - बाबा.....
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आम्ही भारताचे लोक,
भारताचे एक सार्वभौम_ _ _
प्रास्ताविक वाचताना
स्मरते मी बाबा तुम्हास...
जयंती-निर्वाण दिनी
जयभीम घरोघरी
जल्लोषात मिरवतात
दरवर्षी इथे नर-नारी...
बाकी दिवस माहित नाही
जिभ का वळत नाही
जयभीम म्हणताना
ठसका लागत राही...
बोलाले काही तुमच्या विषयी
बाबा, लोक जोशात येतात
दारू पिऊन दंगा करत
DJ लावून नाचत फिरतात....
बाबा तुमची आठवण
प्रत्येक क्षणी येते हो
मनोमनी मी रोज
थोड थोड जळते हो...
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सोनल सुनंदा श्रीधर
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