हेलो मेरे प्यारे प्यार
कैसे हो तुम ??
आज जा रही हूं। मैं तुमसे दूर, तुम्हारी ज़िन्दगी से दूर, मैं सोचती थी, कि आज नही तो कल तुम मुझे समझोगे।
मेरे कुछ सपने है, कुछ अपने है ,परिवार है, कुछ दोस्त है ।
मेरी कुछ इच्छाएं है ,कुछ अहसास है, कुछ जज्बात है।
जिनका तुम हर बार अपमान करते हो।
मुझे बुरा लगता लगता है, मगर मैं कुछ नही कहती जानते हो क्यों?
इसलिये क्योंकि मैं तुमसे प्यार करती हूं।
जब तुम कहते हो की, मैं अपने दोस्तों से दूर रहूं, उनसे बात ना करूँ।
मैं तुम्हारी हर बात का जवाब सिर्फ हाँ में दूँ अगर यही सच्चा प्यार है तुम्हारी नज़रों में,
तो हाँ मैं तुमसे प्यार नही करती अगर एक लड़की की तुम्हारी नज़रों में यही इज़्ज़त है तो हाँ मैं तुमसे प्यार नही करती।
मेरा कुछ आत्मसम्मान है जिसे तुम घमंड कहते हो तो यही सही ।
अगर अपने आत्मसम्मान के लिए मुझे सड़क पर भीख भी मांगनी पड़ी तो भी मुझे कोई समस्या नही होगी।
आज तुम्हे छोड़कर मैंने अपना खोया हुआ आत्मसम्मान वापिस पा लिया।
शुक्रिया?
©कल्पना'खूबसूरत ख़याल'