कशिश
कौन सी कशिश में बंधे हुए है |
पल की दूरी सही नहीं जाती है ||
नजरो से दूर होते हुए लगता है |
दिल के बहोत ही नजदीक है ||
एक बार रूठे तो जाँ निकलती है |
भूले से बिछडने का नाम लेते है ||
कैसे संभाले नादा दिल को यहाँ |
हर पल मिलने की तडप होती है ||
सखी नजरो में छुपा लेना चाहते है |
दिल में ही बसा लेना चाहते है ||