#MKGANDHI
मेरी नज़र में गांधी जी एक नैतिक एवं प्रयोजनवादी विचारधारा से ओतप्रोत व्यक्ति ही नहीं थे वरन एक समाजिक तथा राजनीति समाज सुधारक भी थे।
वे एक दमन तथा शोषण मुक्त समाज की स्थापना करना चाहते थे।
समाज में व्याप्त अस्पृश्यता को खत्म करके एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहते जहाँ हर मज़हब और वर्ण के लोग एक सूत्र में बँध कर रह सके।
गाँधी जी देश के सभी नागरिकों को स्वावलंबी देखना चाहते थे जिसके लिए वह कुटीर उद्योग का विकास पर बल देते थे।
मेरे हिसाब से गाँधी जी के सिद्धांतों के कारण विश्व में भारत का नाम स्वर्णिम अक्षरों आज भी अंकित है।
दिनेश पाण्डेय