#kavyotsav
#दोस्त
दोस्ती हमने भी कि थी...दिल लगाकर,
चाहा था निभायेंगे आखिरतक..,
पर र्शायद वक्तकी मर्जी नही है....,
चलो ठीक है...ये ही सही..
अगर याद ही नही आती उन्हे हमारी ..
तो हम क्यों उन्हे अपनी जिंदगीमें शामिल करे..?
अगर उन्हे फुरसत नही हमारे लिये...
तो हम भला क्यों अपना वक्त बरबाद करें....!
कहते है जिंदगी एक रेल है..,
हर कोई अपने अपने मकामपे चढता है....उतरता है..
शायद उनका मकाम आया....वो उतर गये |
नये ओर भी चढते रहेंगे.....
तो गम किस बातका ?????
यही तो फंडा है जिंदगीका यारो !!
............................व्रुषाली..