#KAVYOTSAV
कबतक ऐसेही रहोगी
बेरंग पुराने मकान जैसी..
बदलदे ये सारे फिके सलवार
अदंरसेभी करले कुछ नये पेहराव..
करले खुले आँखोंकी खिड़कियां
सजाले इनको काजलके परदोंसे...
खोलले तेरे मनका दरवाजा
लगाले माथेपे अच्छेसे बिंदिया...
चमक तो तब आयेगी ना जब
ओंठोंपर लाली चढ़ाकर मुस्करावोगी..
बागिचेमें सफेद जाईके सुदंर फुल हैं
सजालेना जूल्फोंमे इनकोंभी तुम...
कसर कोईभी मत अब छोड़ना
पैराेमें पायल पेहनना मत भुलना...
देख कुछ रह तो नही गया मोहतरमा
शायद नाक में नथ कोनोंमें झूमका...
नजरसे बचने के लिये घरमें निंबू रखा
तुझेभी लगेगी तू भी लगा काला टिका...
-Vj