#kavyotsav (Topic: Love)
मुझे देखकर तुम (युगल गीत)
गायक “मुझे देखकर तुम मुस्कराती दिखी हो
मोहब्बत के गजरे सजाती मिली हो।“
गायिका “मुझे देखकर तुम मुस्कराते दिखे हो
शरारत के जल्वे दिखाते मिले हो।“
गायक “मुझे देखकर तुम मुस्कराती दिखी हो
सभी सपने सुहाने सजाती मिली हो।
अब सृजन प्यार का कुछ होने लगेगा
बिन पिये नशा सा भी छाने लगेगा।“
गायिका “मुझे देखकर तुम मुस्कराते दिखे हो
तुम भ्रमरों के गुंजन सुनाते मिले हो।
अब बगिया में बहार आती मिलेगी
महक फूलों की गुदगुदाती मिलेगी।“
गायक “इजाजत मिली है अब तुमसे हमी को
महकते मिलन की मुस्काती हमी को।“
गायिका “अब बारिश रिझाती मिली है जमी को
शबनम की बूँदों-सी खिलती कली को।“
गायक “नजर नरगिस की अब शर्माने लगी हैं।“
गायिका “महक गुलाब की भी लजाने लगी हैं।“
गायक “रात रानी की महक आने लगी है”
गायिका “रात प्यारी भी झिलमिलाने लगी है।“
गायक “मुझे देखकर तुम मुस्कराती दिखी हो
हर डगर प्यार की सजाती मिली हो।“
गायिका “मुझे देखकर तुम मुस्कराते दिखे हो
पराग प्यार का तुम लुटाते मिले हो।“
दोनों “मुझे देखकर तुम मुस्कराते दिखे हो।“