# kavyotsav
Kavyotsav
# काव्यत्सव
प्रेम- कविता
कविता- साथी रे ...
-----------------------
प्यार का यह सफर
करेंगे हम तुम अबसे
तुम साथ हो जबसे
दिल खुश है तबसे
साथी रे....
तुम्हारा याद करना
आकर के ये मिलना
सिलसिला सुरू हुवा
तुम साथ हो तबसे
साथी रे....
मजबुरी होती कभी
मिल ना सकेंगे कभी
हालात समझा करो
मान लिया ये भी तबसे
साथी रे....
मन को समझनेवाला
मुश्किल से मिलता है
तुमने जान लिया मुझे
संभल गया मै तबसे
साथी रे....
------------------------------
कविता- साथी
-अरुण वि. देशपांडे -पुणे
9850177342
-------- ---––---------- ----