#kavyotsav
प्यार मैंने क्यों चुना था
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ,
कदम मेरे क्यों बढ़े
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ।
तुम वहाँ क्यों खड़े थे
पूछ लूँ तुम्हें या चुप रहूँ,
राह तुमने क्यों बदल दी,
पूछ लूँ तुम्हें या चुप रहूँ।
प्रेम पत्र क्यों लिखा
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ,
दिल ने चुपके क्या कहा
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ।
प्यार सुन्दर क्यों दिखा
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ,
वह क्षण मैंने क्यों चुना
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ।
तुमसे बिछुड़ कर क्या लगा
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ,
सपना उधर क्यों बहा
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ।
प्यार की बातें क्यों कहीं
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ,
प्यार से भेंट कब-कब हुई
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ।
***महेश रौतेला