कविता - जय गणेशदेवा
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पार्वतीनंदन हो तुम
गणपती सब कहे
देव महादेव के पुत्र
जय हो गणेशदेवा ||
लाडले मेहमान है बाप्पा
घर घर मी जब आते है
बच्चे खुश हो जाते है ||
स्वगात तुम्हारा करते है
उल्हास से केहते है
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतीबाप्पा मोरया ||
कला गुणो के देवता तुम
करे तुम्हारी आरती हम
सकल विद्या के देवता
जय गणेश देवा जय गणेश देवा ||
गणपती बाप्पा मोरया ||
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-अरुण वि.देशपांडे -पुणे.
9850177342
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