कृष्ण कौन हैं?
में कृष्ण हु , हर एक में कृष्ण हैं
एक संचालनकर्ता हे इस सृष्टि के.
वो मेरी माँ हे जिसने मुझे जन्म दिया
वो मेरे पिता हे जो एक वरदान की तरह कहते हे की 'तुम्हे क्या चाहिये बोलो'.
मेरे गुरूजी जिन्होंने मुझे सबकुछ सिखाया, अंधकार से प्रकाश में लाये वो मेरे लिए कृष्णा हे.
वही राधा का कृष्ण हु जिसने प्रेम की परिभाषा सिखाई.
वैकुण्ठ के स्वामी, सभी कारणो के प्रमुख कारण बनने वाले हे मेरे कृष्णा, मेरा मन ही आपका वैकुण्ठ धाम हे
कर्म ,धर्म , त्याग और मोह की बाते करनेवाले कृष्णा ,में एक बालकृष्ण.