नदी किनारे इस पार,
खड़ा वो सामने मेरे...
बता रहा मुझको खबर,
नदी के उस पार की..!!
कि जबकी हमें भी पता है,
न देखा, न सुना कभी..!
ना लौट के आया कोई..,
ले खबर उस पार की..!!
कैसे कर लूँ यकीं,
क्योंकर कर लूँ यकीं..!
खबर उस पार की..,
खबर उस पार की..!!
--- मनीष गोडे