जिस फ़िल्म के सीन में नाना रहते थे उस सीन में दुनिया का कोई भी बड़ा एक्टर क्यों न हो सिर्फ नाना ही दिखाई और सुनाई देते थे. वो खाँटी मराठी मानुष जिसने बिना किसी पीआर के जमीन पर किसानों के लिए काम किया, मौक़ा मिला तो कारगिल में सैनिकों का हौसला बढ़ाने बॉर्डर पर चले गए. जीवन भर अपनी ठसक के साथ रहे और फिर इतनी शांति से चले गए जैसे कुछ हुआ ही न हो.. श्रद्धांजलि 🙏
💔 #nanapatekar