🇮🇳 15 अगस्त — मेरा भारत
कश्मीर से कन्याकुमारी तक, गूंजे भारत का नाम,
हर राज्य की मिट्टी में बसता, तिरंगे का अभिमान।
अलग-अलग हैं भाषा, संस्कृति, पहनावा और पहचान,
फिर भी सबके दिल में बसता, मेरा प्यारा हिंदुस्तान।
आंध्र प्रदेश की धरती बोले—देश मेरा महान,
अरुणाचल प्रदेश की चोटियों पर लहराए तिरंगे की शान।
असम की चाय की खुशबू में देशभक्ति की बात,
बिहार की मिट्टी कहती है—भारत सबसे खास।
छत्तीसगढ़ की धरती गाए वीरों का गुणगान,
गोवा के सुंदर सागर में गूंजे हिंदुस्तान।
गुजरात की धरती देती एकता का संदेश,
हरियाणा की वीर जवानी रखती भारत का मान विशेष।
हिमाचल की ऊँची चोटियाँ तिरंगे को नमन करें,
झारखंड के जंगल भी भारत माँ का वंदन करें।
कर्नाटक की संस्कृति बोले—भारत मेरी शान,
केरल की हर लहर सुनाए देशभक्ति का गान।
मध्य प्रदेश के दिल में धड़के भारत का अरमान,
महाराष्ट्र की धरती देती वीरों को सम्मान।
मणिपुर की वादियाँ कहतीं—हम सब एक समान,
मेघालय की बारिश में भी गूंजे हिंदुस्तान।
मिजोरम की पहाड़ियों से उठे प्रेम की आवाज़,
नागालैंड की धरती कहती—भारत पर हमें नाज़।
ओडिशा की धरती सजाए संस्कृति का श्रृंगार,
पंजाब की मिट्टी गाए—वतन से बढ़कर क्या प्यार!
राजस्थान की रेत पुकारे वीरों की पहचान,
सिक्किम की पर्वत-चोटी पर लहराए हिंदुस्तान।
तमिलनाडु की संस्कृति बोले—भारत मेरी शान,
तेलंगाना की धरती गाए तिरंगे का सम्मान।
त्रिपुरा की हर धड़कन में देशप्रेम की बात,
उत्तर प्रदेश की मिट्टी लिखती वीरों की सौगात।
उत्तराखंड की चोटियाँ कहें—भारत अमर रहे,
पश्चिम बंगाल की हवाएँ बोलें—तिरंगा सदा फहराए।
ये अट्ठाईस राज्य हैं भारत की पहचान,
हर राज्य की अपनी संस्कृति, फिर भी सब एक जान।
कहीं गंगा की धारा बहती, कहीं समुद्र की लहरें,
कहीं हिमालय खड़ा प्रहरी बन, देश की रक्षा करता रहे।
कहीं खेतों में किसान पसीना बहाकर अन्न उगाता है,
कहीं सीमा पर सैनिक अपना जीवन देश को देता है।
कहीं वैज्ञानिक नई उड़ान से भारत का नाम बढ़ाते हैं,
कहीं बच्चे तिरंगा लेकर आज़ादी के गीत गाते हैं।
यह देश केवल मिट्टी नहीं, करोड़ों दिलों का प्यार है,
हर भारतीय के सीने में इसका गौरव अपार है।
हम अलग जरूर हैं, लेकिन हमारी मंज़िल एक है,
हमारी आवाज़ अलग हो सकती है, मगर तिरंगा एक है।
आज 15 अगस्त का दिन हमें वह इतिहास याद दिलाता है,
जब देश के वीरों ने आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व लुटाया था।
किसी ने हँसते-हँसते फाँसी को गले लगाया,
किसी ने जेल की यातनाएँ सहीं, किसी ने अपना घर-परिवार छोड़ा।
उन वीरों की कुर्बानी से आज हम आज़ाद हवा में साँस लेते हैं,
उनके सपनों के भारत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।
ना कोई छोटा, ना कोई बड़ा—सब भारत की पहचान,
हर धर्म, हर भाषा, हर संस्कृति इस देश की शान।
उत्तर से दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक एक ही अरमान,
हर दिल से निकले आज—मेरा भारत, मेरा हिंदुस्तान!
आओ आज फिर मिलकर यह संकल्प उठाएँ,
देश की एकता और अखंडता को हमेशा बनाएँ।
नफरत की दीवारें तोड़कर प्रेम का दीप जलाएँ,
भारत को दुनिया का सबसे सुंदर और मजबूत देश बनाएँ।
अट्ठाईस राज्यों की मिट्टी, एक देश की जान,
अलग-अलग हैं रंग मगर, एक है हिंदुस्तान।
नदियाँ अलग, भाषाएँ अलग, फिर भी दिल एक साथ,
जय हिंद की गूंज रहे सदा, भारत माँ के साथ।
15 अगस्त के इस पावन दिन बस इतना अरमान रहे,
हर भारतीय के दिल में अपने देश का सम्मान रहे।
तिरंगा आसमान में यूँ ही शान से लहराता रहे,
भारत का नाम दुनिया में सदा रोशन होता रहे।
मेरी धरती, मेरा आसमान,
मेरा गौरव, मेरी पहचान।
हर जन्म में यही वरदान—
मुझे मिले मेरा हिंदुस्तान! 🇮🇳
जय हिंद! 🇮🇳
वंदे मातरम्! ❤️
भारत माता की जय! 🇮🇳
- kajal jha