अब क्या मैं कहूं इस सोच मैं हूं,
तेरी बातों से आया मैं होश मैं हूं।
मुझे खबर है तेरे हाल की,
पर अपने हालात क्या बतालाऊं मैं।
ऐसा तो नहीं है की मैं तन्हा हूं,
ना की राश नहीं मुझे हर्फ़ तेरे।
मैं खफ़ा नहीं तेरी बातों से,
मेरी उलझन तो मेरा दिल है।
- khwahishh