दिलकशी वो बड़ी उम्दा करते हैं।
छेड़ देते है कोई तान कभी,
कभी किसी गज़ल से दिल बहलाते है।
उनको मालूम हमारी आदते है सभी,
जानकर बो हमें सताया करते है।
दिलकशी बो बड़ी उम्दा करते है।
लहजा उनका है शायरों जैसा
हर दूसरे लफ्ज़ मैं उर्दू का हर्फ़,
शामिल उनकी बातो मैं है।
यूँही बेखयाली मैं हम नहीं खोते,
उन्हें कुछ ऐसी अदा आती है।
जिसपे हम ये दिल और जान गवा बैठे है।
- khwahishh