सब मोह-माया का बंधन है, ये दुनिया एक छलावा है, 🕸️
मैंने हर रिश्ते में सिर्फ धोखा और खालीपन ही पाया है। 💔🥀
अब कोई ख्वाहिश नहीं बची, न कोई पाने की आरज़ू है, 🌬️
महादेव, अब तो बस तेरी शरण में मिलने वाली वो शांति ही रूबरू है। 🙏✨
दुनिया के इन शोर से दूर, एक खामोश ठिकाना चाहिए, 🏔️🧘♀️
रिश्तों के इन झूठे धागों से, अब मुझे आज़ाद हो जाना चाहिए। ⛓️🕊️
सब छोड़कर, सब तोड़कर, बस तेरी राहों पर चल पड़ूँ, 👣🔱
मैं भी वैरागी बनकर, तेरे ध्यान में खुद को ढाल लूँ। 🕉️🕯️
न महल की चाहत है, न अपनों के दिए गम का कोई रोना है, 🏚️💧
अब तो बस राख लपेट कर, तेरे चरणों में ही खोना है। ✨🌀
ये दुनिया भी अपनी है, ये रूतबा भी उनका ही है, 🌍🎭
मैं तो बस तेरी होकर, तेरे संन्यास की राह पर चलना चाहती हूँ महादेव। 📿🙌🔱
:-प्रिया चौधरी