कुछ जिंदगियां
बसंत का इंतज़ार करती रह जाती हैं..
और अचानक
बिदाई की धूप में झुलस जाती हैं..
ख़्वाबों की कली
खिलने से पहले ही
ज़िम्मेदारियों की आँच पर
पका दी जाती है...
हर बेटी को
कली रहने का मौसम मिले..
बसंत
सिर्फ़ ऋतु नहीं,
हर भाग्य में उतरे...
💯🌷❤️🙏