💞 एक तेरा ही अहसास, दिल ♥️ में तेरा वास....
मुकम्मल ना सही, मगर ये अहसास
तो बाकी है
तेरी यादों का मेरे दिल ❤️ में
निवास तो बाकी है
वो जो अधूरे रह गये हमारे दर्मियां किस्से
उन अनकहे लफ्ज़ो की मिठास बाकी है
जरूरी तो नहीं हर दुआ को मंजिल
मिल जाए
कि मुसाफिरों के पास सफर की प्यास
तो बाकी है
इश्क मुकम्मल ना हुआ तो, मलाल कैसा ?
मैरी रूह में तेरे नाम का वास तो बाकी है।
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