काम शब्द से औरत का पुराना नाता है
सुबह की अलार्म से लेकर
रात को बिस्तर पर जाने तक
सिर्फ काम-काम ही आता है
कभी ये काम
कभी वो काम
कभी ऐसे काम
तो कभी कुछ वैसे काम
कभी घर में काम
तो कभी दफ्तर का काम
कभी बच्चों का काम
तो कभी रसोई में काम
जिसकी कोई गिनती नही
कभी कोई तारीफ नही
सिर्फ ये कह देना
ये तुम्हारा ही तो काम है
सिर्फ काम के अलावा
एक औरत को न कोई काम है
इसलिए तो औरत शक्ति है
और सबसे महान है।।
मीरा सिंह