सर्जिकल स्ट्राईक तो सर्जनहार को करनी चाहीए अब ओर कितना युंग बितायेगा? क्यां ईस से भी बत्तर हेवानियत का कोई ओर युग वो लायेगा?
काला सिर्फ धन ही नही होता यहा तो युग ही कोयला बना पड़ा है,एक को गिरा के तुरन्त नया एक ओर खड़ा है ! बेमोत तो यहा ईन्शान नही ईन्शानियत मरी पड़ी है बेईमानो,कालाबाज़ारीओ,धोकेबाजो ओर पापीओ से तो दुनिया भरी पड़ी है,ये क्यां कोई कयामत की घड़ी है?
तेरी बनाई दुनिया अब तेरे वजुद पे है सवाल करती, दौलत न सही पर पापो से वह अपनी तिजोरीया भरती, जो लाचार......................महेश वाघेला

Hindi Story by Mahesh Vaghela : 205
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